ई – रुपी

ई – रुपी: जिस योजना का पैसा, उसी में होगा इस्तेमाल

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  • सरकारी योजनाओं में भुगतान की नई व्यवस्था ई – रुपी का लाभ देश की 90 करोड़ जनता को मिलेगा ।
  • प्रधानमंत्री मोदी ने वाउचर भुगतान सेवा की लॉन्चिंग पर कहा है ।
  • देश में 300 सरकारी योजनाओं के तहत प्रत्यक्ष – अप्रत्यक्ष रूप से 90 करोड़ लोगों को लाभ मिल रहा है ।
  • जिसे डीबीटी के जरिये उनके खातों में सीधे पैसे डाले जा रहे ।
  • वाउचर भुगतान से इन पैसों का खर्च सही जगह पर सुनिश्चित किया जा सकेगा ।
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प्रधानमंत्री ने कहा, ई – रुपी लक्ष्य आधारित भुगतान सेवा बनेगी, अब जिन योजनाओं के लिए राशि जारी की जाएगी, लाभार्थी उसका इस्तेमाल भी उन्हीं योजनाओं में कर सकेंगे, इससे योजना का विस्तार और प्रभाव दोनों बढ़ेगा और 90 करोड़ लोग सीधे तौर पर लाभ उठा पाएंगे।

  • महामारी में 17.5 लाख करोड़ रुपये डीबीटी के जरिये लाभार्थियों के खाते में जारी किए गए ।
  • इसमें उज्ज्वला, उर्वरक सब्सिडी, पीएमकिसान सहित 300 योजनाएं शामिल हैं ।
  • जुलाई में UPI से 300 करोड़ भुगतान हुए, जिसमें 6 लाख करोड़ की राशि शामिल है।

ई – रुपी डिजिटल करेंसी से अलग है

  • ई – रुपी के लिए रुपया (भारतीय मुद्रा) मूलरूप से मौलिक संपत्ति (अंडरलाइंग एसेट) का काम करेगा। यही विशेषता डिजिटल करेंसी से भिन्न बनाती है।
  • इसके जरिये देश के डिजिटल लेनदेन बुनियादी ढांचे में वर्चुअल करेंसी की क्षमता का भी आकलन किया जा सकेगा ।
  • इसका मुख्या लाभ यह भी है कि इ – रुपी वाउचर खरीदने वाला व्यक्ति किसी को वाउचर देने के बाद भी उसके उपयोग की स्थिति को ट्रैक कर सकता है। इसमें गोपनीयता का भी ध्यान रखा गया है ।
  • ई – रुपी के लिए लाभार्थियों को अपना व्यक्तिगत विवरण नहीं बताना होगा ।

ई – रुपी कैसे काम करता है

  1. यह ई – रुपी वाउचर लाभार्थियों के मोबाइल पर भेजा जायेगा ।
  2. इसे अधिकृत केंद्रों पर जाकर प्राप्त (रिडीम ) सकते हैं ।
  3. इस वन टाइम भुगतान सेवा के लिए डेविट / क्रेडिट कार्ड , मोबाइल बैंकिंग एप या इंटरनेट बैंकिंग की जरूरत नहीं होगी ।
  4. यह प्रीपेड होने की वजह से यह किसी भी मध्यस्थ को शामिल किए बिना सेवा प्राप्त करने वाले को समय पर भुगतान करता है ।
  5. इसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि लेनदेन पूरा होने के बाद ही सेवा प्राप्त करता को भुगतान किया जाए ।

ई – रुपी वाउचर

इ रुपी वाउचर को निजी और सरकारी दोनों बैंक के द्वारा जारी किया जा सकेगा।

किसी भी कॉरपोरेट या सरकारी एजेंसी को इसे प्राप्त करने के लिए साझेदार बैंक से संपर्क करना होगा ।

और यह जानकारी भी देनी होगी कि यह किसके लिए और किस उद्देश्य से दिया गया है ।

लाभार्थी की पहचान उसके मोबाइल नंबर से होगी । बैंक सेवा प्रदाता को वाउचर जारी करेगा, जो खास व्यक्ति के नाम से उसको ही दिया जाएगा ।

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बैलेंस शीट से जुड़ी होती है डिजिटल करेंसी

  • इ रुपी एक तरह कि डिजिटल करेंसी है, डिजिटल करेंसी को जिस देश का केंद्रीय बैंक जारी करती है, उसे वहां की सरकार की मान्यता हासिल होता है। और यह उस देश की केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट में शामिल रहता है। इसे देश की सॉवरेन करेंसी में भी बदलाव किये जा सकता है ।
  • यह दो प्रकार की होती हैं ।
    • रिटेल – आम लोग इसका इस्तेमाल करते हैं ।
    • होलसेल – इसका उपयोग वित्तीय संस्थाएं करती हैं ।

इ – रुपी के नुकसान

  • यह Bitcoin जैसी निजी वर्चुअल यानी Cryptocurrency में निवेश से होने वाले नुकसान से बचाने में मदंदगार है, डिजिटल करेंसी के लिए कानूनी बदलाव की जरूरत है, लेकिन देश की वर्तमान भुगतान प्रणाली केवल भौतिक मुद्रा के लिए बनवाई गई है ।

इ – रुपी से गरीबों को लाभ

ई – रुपी कल्याणकारी योजनाओं के सही तरीके (लीक – प्रूफ) से डिलीवरी सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है ।

इसका इस्तेमाल मातृ एवं बाल कल्याण योजनाओं के तहत दवाएं और पोषण संबंधी सहायता, कार्यक्रमों, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत दवाएं एवं निदान, उर्वरक सब्सिडी आदि सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जा सकेगा ।

निजी क्षेत्र भी अपने कर्मचारी कल्याण और कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) कार्यक्रमों के तहत इस डिजिटल वाउचर का लाभ उठा सकता है।

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इ रुपी से सरकार की योजनायें को प्रभावी स्वरुप

  • ई – रुपी सुविधा सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर और मजबूत करेगी ।
  • इन योजनाओं का प्रभाव व विस्तार दोनों ही तेजी से बढ़ सकेगा ।
  • निजी क्षेत्र में भी सामाजिक सरकारों से जुड़ी योजनाओं में तेजी ला सकता है। अतः योजना का लाभ उठाना भी ज्यादा आसान हो जाएगा ।

इ वाउचर से लक्ष्य तक पहुंच

  • ई – रुपी सुविधा से योजनाओं का पैसा अपने लक्ष्य तक पहुंचा सकेगा।
  • सरकार अब डिजिटली रूप से योजना के माध्यम से, लाभार्थी और सेवा प्रदाता कंपनी के साथ सीधे तौर पर जुड़ सकेगी ।
  • इससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही योजना को प्रभावी तरीके से लक्ष्य तक पहुंचाया जा सकेगा और इसमें विचौलियों (मीडिएटर्स) की भूमिका खत्म हो जाएगी ।

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अमेरिका के शिक्षा वाउचर की तरह ही कार्य करेगा इ – रुपी के लाभ

  • अमेरिका में एजुकेशन वाउचर्स या स्कूल वाउचर्स का सिस्टम है, इसके जरिये सरकार छात्र – छात्राओं की पढ़ाई के लिए भुगतान करती है।
  • इस वाउचर के माध्ययम से यह सब्सिडी सीधे माता – पिता को अपने बच्चों को शिक्षित कराने के विशेष उद्देश्य से दी जाती है ।
  • स्कूल इ वाउचर सिस्टम कोलंबिया, चिली, स्वीडन और हांगकांग जैसे देशों में भी चल रहा है ।

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