Digital Health ID Card

डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड: ऑनलाइन आवेदन, पंजीकरण और लाभ

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Digital Health ID Card: 27 सितंबर को, भारत के प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी ने भारत के नागरिकों के लिए डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड शुरू करने की घोषणा की। भारत के 74वें स्वतंत्रता दिवस पर हमारे प्रधान मंत्री द्वारा शुरू किया गया यह स्वास्थ्य कार्ड रोगी के स्वास्थ्य की जानकारी को डिजिटल रूप से संग्रहित करेगा।

डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड 2021 (Digital Health ID Card)

आरोग्य मंथन 3.0 के हिस्से के रूप में, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) ने स्वास्थ्य आईडी कार्ड के लिए एक ऑनलाइन फॉर्म लॉन्च किया है जहाँ राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी देखी जा सकती है।

नागरिकों को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड के ऑनलाइन आवेदन/पंजीकरण हेतु इस बेवसाइट – healthid.ndhm.gov.in पर लॉग इन कर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।

ABDM का फुल फॉर्म (ABDM full form)

ABDM का फुल फार्म आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन है। Full form of the ABDM is Ayushman Bharat Digital Mission.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की शुरुआत की।

प्रधानमंत्री मोदी के अनुशार इस कार्यक्रम का उद्देश्य लाखों अस्पतालों को जोड़कर चिकित्सा उपचार सुविधाओं को डिजिटल बनाना है। डिजिटल हेल्थ कार्ड उपचार प्रक्रिया को सरल बनाने और नागरिकों के जीवन स्तर को बढ़ाने का भी कार्य करेगा।

डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड ऑनलाइन आवेदन करें (Digital Health ID Card Apply Online)

डिजिटल स्वास्थ्य की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस के दिन की गई थी। इस मिशन के तहत प्रत्येक व्यक्ति को एक आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। प्रत्येक कार्ड में व्यक्ति के स्वास्थ्य की पिछली जानकारी होगी। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद प्रत्येक भारतीय अपने इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड को निःशुल्क एक्सेस कर सकेगें।

डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड बनवाने का मुख्य लाभ यह है कि इसमें कार्ड धारक के उपचार, रिपोर्ट्स और इलाज करने वाले डॉक्टर की पूरी जानकारी सुरक्षित हो जाती है।

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डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड पंजीकरण (Digital Health ID Card registration)

NDHM Health Record Apps के साथ, आप अपने मोबाइल डिवाइस पर अपना डिजिटल हेल्थ कार्ड खुद भी बना सकते हैं।

आवेदन के समय आपको निम्नलिखित चरणों से गुजरना पड़ेगा –

चरण 1

एनडीएचएम हेल्थ रिकॉर्ड्स के लिए ऐप डाउनलोड करें।

चरण 2

Register Now पर क्लिक करें और अपनी पसंदीदा भाषा चुनें।

चरण 3

अब, आपके पास दो विकल्प हैं: मोबाइल नंबर या आधार कार्ड से रजिस्टर करें।

चरण 4

आधार कार्ड लिंक पर क्लिक करें और आवश्यक विवरण दर्ज करें।

चरण 5

आपके पंजीकृत मोबाइल फोन नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा।

चरण 6

OTP वैलिडेशन के बाद आप अपना यूजरनेम बनायें।

चरण 7

अब आपसे पोर्टल पर कुछ और दस्तावेज सबमिट करने के लिए कहा जा सकता है – जैसे कि आपका पहचान पत्र।

चरण 8

एक बार यह पूरा हो जाने के बाद, आपको अपना डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त हो जायेगा।

चरण 9

कार्ड को सुरक्षित रखने के लिए आप डिजिटल हेल्थ कार्ड के लिए एक मजबूत पासवर्ड बनाएं।

चरण 10

भविष्य में कभी भी जरूरत पड़ने पर या जानकारी एसेस करने हेतु पोर्टल पर लॉग इन करने के लिए वैध क्रेडेंशियल्स (अपने यूजर नेम और पासवर्ड) का उपयोग करें।

Note: अधिक जानकारी के लिए आप इस नंबर पर भी संपर्क कर सकतें हैं – 9425312061

डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड के लाभ (Benefits of this ID Card)

चिकित्सा विवरण जैसे – डाक्टर का पर्चा, मेडिकल रिपोर्ट्स इत्यादि यदि पेपर के रूप में हैं तो कई बार उन्हें सुरक्षित रखने में कई समस्याएं होती हैं। किन्तु डिजिटल हेल्थ आईडी की सहायता से जानकारी को डिजिटल रूप में आसानी से सुरक्षित रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इसे कभी भी, कहीं से भी, एसेस किया जा सकता है। यह हेल्थ कार्ड, धारक के मेडिकल रिकॉर्ड के अलावा उनके सारे खर्चे को दिखाता है।

पोर्टल या एप पर लॉग इन करते ही आपको अपने उपचार, डिस्चार्ज और आपके द्वारा किए गए प्रत्येक परीक्षण का पूरा विवरण मिल जाएगा। यदि आप मेडिकल प्रैक्टिशनर को कार्डधारक आईडी प्रदान करते हैं, तो वे किसी भी समय आपके मेडिकल रिकॉर्ड को देख सकता है और आपकी मेडिकल हिस्ट्री के अनुशार आपको एक बेहतर इलाज दे सकता है ।

डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड के नुकसान: इनफार्मेशन टेक्नॉलोजी एक्ट, 2005 के अनुशार मेडिकल जानकारी एक “व्यक्तिगत गोपनीय जानकारी” है अतः सभी चिकित्सक इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इलाज के दौरान किसी मरीज की गोपनीय जानकारी या निजता का दुरूपयोग न करें अन्यथा काफी बड़ी मुशीबत में फंस सकतें हैं।

इसके अतिरिक्त यदि कार्डधारक अपने कार्ड को सुरक्षित नही रख पाते या ऑफिसियल वेबसाइट पर कभी साइबर/मालवेयर अटैक होता है तो इससे कार्डधारक की निजता भंग होने का खतरा बढ़ जाता है।

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