रीवा जिले में मिला खजाना

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रीवा जिले में पाया गया हीरा: नए वर्ष 2022 में मध्यप्रदेश के विन्ध्य क्षेत्र को नया खजाना मिलने की खबर ने सबको हतप्रभ कर दिया है।

आपको बता दें कि रीवा जिले के मऊगंज व् त्योंथर ब्लॉक के कुछ हिस्सों में हीरा पाए जाने की जानकारी कुछ इस तरह पता चली कि – त्योंथर ब्लॉक के ग्राम – सोहागी, पुर्वा, एवं मझगवां में 450 हेक्टेयर तथा मऊगंज ब्लॉक के ग्राम -आदासरीय में 77.64 हेक्टेयर, कुल मिलाकर 527.64 हेक्टेयर के क्षेत्र में हीरा पाया गया है।

रीवा के किन – किन हिस्सों में पाया गया हीरा

मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (Mineral Exploration Corporation Limited) खनिज नियंत्रण की नजर इस समय रीवा में है।

MECL कंपनी को यह आशंका है कि विंध्य क्षेत्र कि धरा में काफी हीरा दबा हुआ है जो कि अब विंध्य की धरती के नीचे दबे हुए हीरे की तलाश अब शुरू करने वाली है।

राज्य सरकार ने सर्वे के लिए MECL कंपनी को यह जिम्मेदारी सौपते हुए एजेंसी फाइनल कर दी है कि नए साल में कंपनी मशीनरीय सिस्टम विन्ध्य कि धरा पर उतार दे और तेजी से सर्वे का काम शुरू कर दें।

उम्मीद है नए साल में विन्ध्य कि धरा से सरकार को नयी सौगात मिलेगी । साथ ही रीवा की धरती के नीचे कई अनेक खनिज अयस्क दबे हुए है जिसकी खोज बीन अब कंपनी द्वारा शुरू कर दी जायगी।

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कई कंपनियां इस प्रयास में लगी हैं कि सर्वे हेतु उन्हें कार्य सौपा जाय किन्तु अब मामला खनिज अयस्क तक ही नहीं सीमित है बात काफी आगे तक बढ़ चुकी है‌ चूंकि रीवा के दो ब्लॉको की करीब 560 हेक्टेयर जमीन को हीरा खनन हेतु चिन्हित किया गया है।

सरकार ने हीरे खोजने की तैयारी में रीवा के दोनों ब्लॉको को डायरेक्ट नीलाम करने की योजना बनाई थी किन्तु अब राज्य सरकार के द्वारा सर्वे किया जाएगा इसके बाद निलाम करने का फैसला लिया जाएगा।

सर्वे की जिम्मेदारी MECL कंपनी को दी जाकर प्रोटेस्टिंग सर्वे का लाइसेंस भी जारी कर दिया गया है। उम्मीद है कम्पनी जनवरी 2022 में अपनी मशीनरी हीरे की तलाश में उतार देगी।

यदि रीवा में हीरा मिला तो यहां की तस्वीर और लोगों की तकदीर बदलते देर नहीं लगेगी। इसके अलावा मध्यप्रदेश का विन्ध्य क्षेत्र जो कभी सफ़ेद शेरो के नाम से जाना जाता था उसे अब हीरे कि वजह से एक नई इंटरनेशनल पहचान मिलेगी।

वर्ष 2009 में प्रारंभिक तौर पर रिलायंस इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 795 किलोमीटर तक सरकार द्वारा हीरा तलाशने की जिम्मेदारी दी गई थी जिसके प्रारंभिक सर्वे में त्योंथर के तीन गांव और मऊगंज के एक गांव को चिन्हित कर अनुमति दी गयी थी।

अन्य कंपनियों द्वारा विन्ध्य क्षेत्र के त्योंथर ब्लॉक के सोहागी, पुर्वा व मझिगवां में 450 हेक्टेयर और मऊगंज ब्लॉक के ग्राम आदासरीय में 77.64 हेक्टेयर भूमि के सर्वे हेतु लाइसेंस की मांग की गई थी। किन्तु राज्य सरकार ने नियम बदल जाने के बाद आवेदन को ही निरस्त कर दिया गया था।

विन्ध्य के दोनों ही ब्लॉकों में MECL कंपनी सर्वे कर सभी स्थानों पर अपनी ड्रिल मशीन जमीन के नीचे दबे मिनरल की जांच खोद कर करेगी एवं उक्त जांच के दौरान सरकार को मिनिरल रिपोर्ट कंपनी द्वारा सौंप दी जाएगी अगर यहां हीरा मिला तो दोनों ब्लॉको को सरकार द्वारा नीलाम कर दिया जाएगा ।

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