इनकम टैक्स ई फाइलिंग | Income Tax e-filing - 2022

इनकम टैक्स ई फाइलिंग कैसे करें | Income Tax e-filing – 2022

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इनकम टैक्स ई फाइलिंग: ई-फाइलिंग की सुविधा के साथ अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना (आईटीआर भरना) अब पहले से कहीं ज्यादा आसान है क्योंकि Income Tax e-filing की प्रक्रिया अब पूरी तरह से ऑनलाइन हो चुकी है।

यह न केवल सुरक्षित है, बल्कि अपना रिटर्न दाखिल करने के लिए आयकर कार्यालय जाने की तुलना में आसान और तेज भी है।

भारत के एक कर्तव्यपरायण नागरिक के रूप में अपना आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना अनिवार्य है। “ई-फाइलिंग” इस पूरी प्रक्रिया को आसान बना देती है क्योंकि इसके जरिये आप घर बैठे आराम से अपना आयकर रिटर्न (ITR) भर सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएँगे कि आप आप अपना आईटीआर कैसे भरे? आईटीआर भरने के लिए स्टेप-टू-स्टेप प्रकिया के साथ हम आपको अपने विशेषज्ञों द्वारा जरूरी मदद भी दिलवाएंगे।

ई-फाइलिंग आईटीआर ऑनलाइन 2022 प्रक्रिया | Process for e Filing ITR Online 2022

कई लोग यह सोचकर परेशान रहतें हैं कि इनकम टैक्स ई फाइलिंग कैसे करें? इनकम टैक्स ई फाइलिंग प्रक्रिया को पूर्ण करने या आईटीआर फाइल करने से पहले आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना होगा।

ऑनलाइन ITR भरने की प्रक्रिया भले ही आसान कर दी गई हैं, लेकिन एक छोटी सी गलती भी आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है, इसलिए आप से आग्रह है कि इस लेख में दी गई जानकारी को ध्यान पूर्वक पढ़ें इसके बाद ही स्वयं या दूसरो से अपना आईटीआर भरवाएं।

कई बार देखा गया है करदाता स्वयं या दूसरों से अपना आईटीआर भारवातें हैं और कोई गलती हो जाने पर मोटी पेनाल्टी या यहाँ तक की निलंबन या जेल जाने जैसी बड़ी मुसीबतों का भी सामना करते हैं।

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आप भले ही अपना ITR / इनकम टैक्स ई फाइलिंग किसी और से करवा रहें हैं लेकिन फिर भी कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बातें हैं जो आपको पता होनी चाहिए क्योंकि आखिरकार परिणाम आपको ही झेलना है।

अपडेट किए गए पोर्टल पर अपना आईटीआर ई-फाइल करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें –

  • चरण 1: आयकर नियमों द्वारा निर्धारित प्रावधानों के आधार पर अपनी आयकर देयता (Income tax liability) की गणना करें।
  • चरण 2: आकलन वर्ष (assessment year) की विभिन्न तिमाहियों के लिए अपने टीडीएस भुगतान का सारांश प्राप्त करने के लिए अपना फॉर्म 26AS देखें।
  • चरण 3: आयकर विभाग (आईटीडी) द्वारा प्रदान की गई पात्रता मानदंड के आधार पर उस श्रेणी का निर्धारण करें जिसके अंतर्गत आप आते हैं।
  • चरण 4: ई-फाइलिंग होम पेज, आयकर विभाग, भारत सरकार के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं।
  • चरण 5: यदि आप एक नए उपयोगकर्ता हैं, तो ‘रजिस्टर’ बटन का उपयोग करके पंजीकरण करें या यदि आपने पहले ही अपना पंजीकरण कर लिया है, तो ‘लॉगिन’ बटन पर क्लिक करें।
  • चरण 6: ‘ई-फाइल’ टैब पर क्लिक करें और उसके बाद ‘फाइल इनकम टैक्स रिटर्न’ विकल्प पर क्लिक करें।
  • चरण 7: वह श्रेणी चुनें जिसके अंतर्गत आप आते हैं, उदाहरण के लिए जैसे – व्यक्तिगत, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), इत्यादि।
  • चरण 8: उपयुक्त आईटीआर फॉर्म चुनें जो आप पर लागू हो।
  • चरण 9: अपने बैंक खाते का विवरण दर्ज करें या यदि आपने इसे पहले ही प्रदान किया है तो इसे प्री-वैलीडेट (Pre-validate) करें।
  • चरण 10: आप एक नए वेब पेज पर रिडारेक्ट (Redirect) हो जायेंगे, जहां आप पूर्व में भरे गए अपने आईटीआर का विवरण देख सकेंगें। – विवरण जांचें और यदि आवश्यक हो तो परिवर्तन करें। एक बार जब आप सुनिश्चित हो जाएं कि फॉर्म में दिए गए सभी विवरण सही हैं, तो इसकी पुष्टि करें और इसे मान्य करें।
  • चरण 11: प्रक्रिया पूरी होने के बाद, रिटर्न सत्यापित करें और उसकी एक हार्ड कॉपी आईटीडी को भेजें।

इनकम टैक्स ई फाइलिंग / आयकर ई-फाइलिंग किसे करनी चाहिए | Eligibility for Income Tax e-Filing

यदि आप भी ये सोच रहे कि आपको आईटीआर भरना चाहिए या नहीं? आपको बता दें कि नीचे दी गई श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले सभी व्यक्तियों को इनकम टैक्स ई फाइलिंग / आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य है:

  • सभी प्रकार की फर्म या कंपनी को आईटीआर दाखिल करना चाहिए, इसके बाबजूद की उसे लाभ या हानि हुई है।
  • यदि कोई व्यक्ति ऋण या वीजा के लिए आवेदन करना चाहता है।
  • प्रत्येक मामले में यदि, कोई व्यक्ति विदेशी संपत्ति में निवेश करता है या विदेशी संपत्ति से उसे किसी प्रकार की आय हो रही हो।
  • यदि कोई व्यक्ति आयकर विभाग से धनवापसी का दावा (ITR refund claim) करना चाहता है।
  • अगर व्यक्ति गृह संपत्ति आदि से आय अर्जित कर रहा है।
  • यदि व्यक्ति की सकल वार्षिक आय नीचे दी गई तालिका में वर्णित विवरण से अधिक है –
करदाताओं की आयुसकल वार्षिक आय (रु.)
ऐसे व्यक्ति जिनकी आयु 60 वर्ष से कम है2.5 लाख
60 वर्ष से अधिक किन्तु 80 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति3.0 लाख
ऐसे व्यक्ति जिनकी आयु 80 वर्ष से अधिक है5.0 लाख

नोट: यदि आपकी वार्षिक आय कर योग्य (Taxable) नहीं है तो आपको इनकम टैक्स ई फाइलिंग / आयकर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है।

आयकर ई-फाइलिंग के लिए आवश्यक दस्तावेज | Documents required for Income Tax e-Filing

यदि कोई व्यक्ति इनकम टैक्स ई फाइलिंग / आईटीआर ऑनलाइन दाखिल करना चाहता है, तो उसे नीचे दिए गए सभी दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ेगी –

  • स्थायी खाता संख्या (पैन / PAN)।
  • आधार नंबर। ध्यान रखे कि आधार नंबर को पैन से लिंक होना अनिवार्य है।
  • व्यक्ति का बैंक खाता विवरण (बैंक खाता संख्या, IFSC कोड और बैंक शाखा का नाम)।

यदि कोई व्यक्ति अपने वेतन के आधार पर अपना इनकम टैक्स ई फाइलिंग / आईटीआर भरना चाहता है तो उसे नीचे दिए गए दस्तावेजों की आवश्यकता होगी –

  • फॉर्म 16
  • यदि हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का दावा किया जा रहा है, तो रेंट स्लिप की जरूरत पड़ेगी।
  • वेतन पर्ची (Salary Slip)

यदि कोई व्यक्ति कटौती (Deductions) का दावा करना चाहता है, तो उसे नीचे दिए गए दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी –

  • आय का प्रमाण जैसे ‘पूंजीगत लाभ आय’ और ‘गृह संपत्ति आय’।
  • निवेश (investments) के बारे में कोई भी विवरण जो कटौती के लिए उत्तरदायी है।
  • गृह ऋण (Home Loan) और बीमा (Insurance) का विवरण
  • जमा खाता और बचत खाता ब्याज प्रमाण पत्र (interest certificates)।

इनकम टैक्स ई फाइलिंग / आयकर ई-फाइलिंग देय तिथि | Income Tax e-Filing Due Date

आयकर विभाग (आईटीडी) द्वारा चिह्नित समय सीमा से पहले आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करना आवश्यक है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए विभिन्न श्रेणियों के करदाताओं के लिए आईटीआर दाखिल करने की नियत तिथियां नीचे दी गई तालिका में सूचीबद्ध हैं।

करदाता की श्रेणीITR भरने की समय सीमा
व्यक्तिगतजुलाई 31, 2022
व्यक्तियों का निकाय (BOI)जुलाई 31, 2022
हिंदू अविभाजित परिवार (HUF)जुलाई 31, 2022
व्यक्तियों का संघ (AOP)जुलाई 31, 2022
व्यवसाय (Requiring Audit)सितम्बर 31, 2022
व्यवसाय (Requiring TP Report)नवम्बर 30, 2022

इनकम टैक्स ई फाइलिंग / आयकर ई-फाइलिंग के नए नियम | New Rules for Income Tax e-filing

आपको याद होगा कि केंद्रीय बजट 2020 में एक नया आयकर ढांचा (Tax regime) लाया गया था। इस नए ढांचे के तहत, विभिन्न कर छूटों (tax exemptions) को हटा दिया गया है।

हालांकि, ये करदाताओं की स्वेच्छा पर निर्भर करता है कि वे नई कर व्यवस्था (new tax regime) के अनुशार टैक्स भरतें हैं या मौजूदा कर व्यवस्था (existing tax regime) के अनुशार।

इस बजट में नई कर व्यवस्था के तहत, कर दरों (tax rates) को आंशिक रूप में कम किया गया है। 2020 में हुए ये बदलाव आगे भी मान्य रहेंगे जब तक कि इसे प्रत्यादिष्ट करने का कोई नया निर्देश नहीं आता।

केवल आधार के साथ आईटीआर दाखिल करने की सुविधा

यदि आपके पास स्थायी खाता संख्या (PAN) नहीं है, तो आप आधार का उपयोग करके अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। नए पैन के लिए आवेदन करते समय आपके पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है।

नए आयकर नियमों के तहत, जो करदाता अपने आधार कार्ड का उपयोग करके अपना रिटर्न करेंगे उन्हें, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को उनके जनसांख्यिकीय डेटा (Demographic data) प्राप्त होने के बाद, पैन आवंटित किया जाएगा।

क्या होगा अगर आपका आधार और पैन लिंक नहीं है?

पिछले वर्ष केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें करदाताओं से 30 जून, 2021 से पहले अपने आधार को अपने पैन से जोड़ने का आग्रह किया गया था।

अब नियम ऐसा है कि – यदि आप अपने पैन को आधार से नही जोड़ते तो आप निर्दिष्ट समय सीमा (specified deadline) के बाद अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे।

कर अनुपालन (Tax compliance) बढ़ाने और करदाताओं के लिए कर भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भारत सरकार ने ये नया नियम पेश किया है।

अब सभी करदाताओं को अपना रिटर्न भरते समय अपने पैन का उल्लेख करना अनिवार्य है। आपको NCERT Infrexa द्वारा यह सलाह दी जाती है कि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए अपने आधार को पैन (PAN) से तुरंत लिंक कर लें

केंदीय बजट 2022 में आयकर / इनकम टैक्स ई फाइलिंग से सम्बंधित बदलाव

इस बार की बजट में अपडेटेड ITR का प्रावधान दिया गया है जिसके अंतर्गत अब करदाता, टैक्स भरते समय कोई त्रुटि हो जाने पर आकलन वर्ष ख़त्म होने के दो वर्ष के भीतर, अपडेटेड ITR भी फ़ाइल कर सकते हैं या इसमें संसोधन कर सकते हैं।

अगर केन्द्रीय बजट 2022 के अन्य बड़े बदलाव की बात करें तो –

  • इस बार राज्य शासन के कर्मचारियों के NPS कटौती (NPS Deduction) को 10% से बढाकर 14% कर दिया गया है जो अब केन्द्रीय कर्मचारियों के बराबर हो गयी है।
  • कोपोरेटिव सोसाइटी के अल्टरनेटिव मिनिमम टैक्स (AMT) रेट को घटाकर 15% कर दिया गया है। इसके साथ ही सरचार्ज का रेट भी घटा दिया गया है अगर कुल आय 1 करोंड़ से 10 करोंड़ के बीच है तो सरचार्ज 12% ही देना पड़ेगा।
  • वर्चुअल डिजिटल एसेट (Virtual Digital Asset) पर अब 30% की दर से कर लगेगा और इसके ऊपर 1% के TDS का भी नियम कर दिया गया है जो लोगो के लिए एक बड़ी निराशाजनक खबर है।

नोट: अब आप इनकम टैक्स ई फाइलिंग नए आयकर पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। नया पोर्टल ढेर सारी खूबियों के साथ आता है, इसे टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ही डिजाइन किया गया है।

इनकम टैक्स ई-फाइलिंग स्टेटस कैसे चेक करें? | How to Check Income Tax e-Filing status?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग होम पेज पर जाकर आप अपने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग स्टेटस को चेक कर सकते हैं।

Tax e-Filing status चेक करने के लिए आप दो में से किसी एक विकल्प का चयन कर सकते हैं –

  • पावती संख्या का उपयोग कर
  • लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग कर


पावती संख्या का उपयोग करके आयकर की ई-फाइलिंग स्थिति की जांच करने के लिए, आपको नीचे दिए गए चरणों का पालन करना होगा –

  • चरण 1: आईटीडी के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
  • चरण 2: ‘आईटीआर स्थिति‘ पर क्लिक करें
  • चरण 3: इसके बाद, पैन, पावती संख्या और कैप्चा कोड दर्ज करें और ‘सबमिट’ पर क्लिक करें।
  • ऐसा करने पर स्क्रीन पर स्टेटस डिस्प्ले हो जाएगा।

यदि आप लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करके स्थिति की जांच करना चाहते हैं, तो आपको ई-फाइलिंग वेबसाइट पर लॉग इन करना होगा।

लॉग इन करने के बाद डैशबोर्ड पर आपको ‘रिटर्न/फॉर्म देखें‘ का विकल्प दिखाई देगा। वहां, आपको ड्रॉपडाउन मेनू से आयकर रिटर्न और आकलन वर्ष का चयन करना होगा और ‘सबमिट’ पर क्लिक करना होगा।

यह भी पढ़े: इनकम टैक्स ई-फाइलिंग हो जाने के बाद अपने आयकर रिफंड की स्थिति कैसे जांचे ?

आयकर रिटर्न ई-फाइलिंग के लाभ | Tax Returns e-Filing benefits

आयकर रिटर्न भरने / इनकम टैक्स ई फाइलिंग के मुख्य लाभ इस प्रकार हैं –

स्थिति को ट्रैक करना: जो व्यक्ति ऑनलाइन आईटीआर फाइल करते हैं वे भरे हुए ITR की स्थिति (Status) की जांच आसानी से कर सकते हैं। जब ऑनलाइन व्यवथा नही थी तब स्थिति की जांच करने में बहुत समय लगता था क्योंकि इससे सम्बंधित दस्तावेज डाक द्वारा भेजे जाते थे।


धनवापसी की प्रक्रिया: ऑनलाइन आईटीआर (ई-फाइल) करने के बाद, धनवापसी (Refunds) प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान और बहुत तेज हो जाती है। इसके पूर्व ऑफलाइन वाले तरीके में रिफंड की प्रक्रिया बहुत जटिल थी और इसमें बहुत समय भी लगता था।


लिपिकीय त्रुटियों में कमी: अधिकतर यह देखा जाता था कि आईटीआर की मैनुअल गणना करते समय कई त्रुटियां हो जाती थीं। किन्तु ऑनलाइन मोड में ये त्रुटियाँ काफी हद तक कम हो गयी हैं।


ई-सत्यापन: यदि कोई व्यक्ति अपना आईटीआर ई-फाइल करता हैं तो वह अपने आईटीआर का सत्यापन घर बैठे ऑनलाइन कर सकता है। पहले आईटीआर को बेंगलुरु में सीपीसी (CPC) को डाक द्वारा भेजना होता था।

सुविधाजनक: ई-आईटीआर फाइल करने की प्रक्रिया बहुत आसान और सुविधाजनक है और इस प्रक्रिया में बहुत कम समय लगता है।

इससे पहले, आईटीआर दाखिल करने की प्रक्रिया बहुत कठिन थी क्योंकि करदाताओं को आयकर विभाग का बार-बार चक्कर लगाना पड़ता था।

हालांकि, ऑनलाइन आईटीआर फाइल करने / ई-फाइलिंग की प्रक्रिया घर बैठे कूलर या एसी की हवा लेते हुए की जा सकती है।

दस्तावेजों तक पहुंच: यदि व्यक्ति ई – आईटीआर फाइल करता है, तो उसके सभी आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने पड़ते है, इन दस्तावेजों को कर देने वाल व्यक्ति जब चाहे तब / किसी भी समय पोर्टल पर जाकर देख सकता है किन्तु आईटीआर फाइल करने की मैन्युअल प्रक्रिया इस तरह के लाभ प्रदान नहीं करती है।

रिकॉर्ड का संकलन: पहले, लोगों को आईटीआर दाखिल करते समय कई फॉर्म भरने पड़ते थे। फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी काफी जटिल थी। किन्तु ई-फाइलिंग के सुविधा ने इस प्रक्रिया की जटिलता को दूर कर दिया है क्योंकि इसमें सभी डेटा ऑटो-पॉप्युलेट हो जाते हैं और आगामी चरण बहुत सरल हो जाते हैं।


किफ़ायती: यदि करदाता अपना रिटर्न मैन्युअल रूप से दाखिल करना चाहे तो उसे अपने रिटर्न की गणना के लिए एक पेशेवर को नियुक्त करना पड़ सकता है। किसी पेशेवर को नियुक्त करना काफी मंहगा पड़ता है।

किन्तु इसके विपरीत यदि वो अपना आईटीआर ऑनलाइन फाइल करवाता है तो उसके इस तरह के तमाम खर्च अपने आप ही कम हो जाते हैं क्योंकि ऑनलाइन ITR भरने की प्रक्रिया मुफ्त है लेकिन फिर भी यदि इसे किसी और से या हमारे अधिकृत मर्चेन्ट रूद्र एसोसिएट्स से भरवाते हैं तो आपको लगभग 350 से 500 रुपये तक ही देने पड़ेंगे।

रूद्र एसोसिएट्स रीवा – Rudra Associates Rewa
रूद्र एसोसिएट्स – Rudra Associates
संपर्क सूत्र9425312061
अधिकृत मर्चेंटरूद्र एसोसिएट्स
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प्रमाण की प्राप्ति: जो व्यक्ति अपना आईटीआर फाइल करते हैं, उन्हें रिटर्न दाखिल करते समय एक रसीद प्राप्त होती है इस रसीद की एक नक़ल (Copy) करदाता के ईमेल पर भी भेजी जाती है जो ITR फ़ाइल् होने की तुरंत पुष्टि कर देती है।


इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग: इसमें भुगतान और धनवापसी करने की प्रक्रिया सरल है। यह कर के भुगतान के लिए ‘प्रत्यक्ष डेबिट’ के माध्यम से और धनवापसी प्राप्त करने के लिए ‘प्रत्यक्ष जमा’ के माध्यम से किया जा सकता है।

इसमें ऐसे विकल्प भी उपलब्ध हैं जहां निवेशक अभी अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं और बाद की तारीख में भी भुगतान कर सकते हैं। करदाता वह दिन चुन सकते हैं जब वे भुगतान करना चाहते हैं।

देर से आयकर ई-फाइलिंग के लिए जुर्माना | Penalty for late Income tax e-Filing

यदि आप निर्दिष्ट समय सीमा के भीतर इनकम टैक्स ई फाइलिंग / आईटीआर दाखिल करने से चूक जाते हैं, तो इसके लिए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) आप पर जुर्माना लगाता है। इनकम टैक्स की धारा 234F के तहत यह जुर्माना लगाया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि – अधिकतम जुर्माने की राशि 10,000 रुपये है।

आयकर ई फाइलिंग / इनकम टैक्स ई फाइलिंगअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | Income Tax e Filing FAQs

प्रश्न1: मैं अपना आईटीआर इलेक्ट्रॉनिक रूप से कैसे दाखिल कर सकता हूं?
उत्तर: यदि आप इलेक्ट्रॉनिक रूप से आईटीआर फाइल करना चाहते हैं तो https://www.incometax.gov.in/iec/foportal पर लॉग ऑन करें। यह आयकर विभाग द्वारा शुरू किया गया एक स्वतंत्र पोर्टल है।

प्रश्न2: मेरे द्वारा भुगतान किया गया अतिरिक्त कर कैसे वापस किया जाएगा?
उत्तर: यदि आपका ITR थीक ढंग से भरा गया है तो थोड़े दिन इंतजार करिए, आयकर विभाग द्वारा आपका रिफंड आपके बैंक खाते में वापस कर दिया जाएगा या धनवापसी संसाधित होने के बाद आपको एक चेक भेजा जाएगा। आप ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से अपनी आयकर वापसी की स्थिति की जांच कर सकते हैं।

रूद्र एसोसिएट्स रीवा – Rudra Associates Rewa
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प्रश्न3: सुधार (rectification) और अन्य आयकर प्रसंस्करण संबंधी प्रश्नों के लिए मैं किससे संपर्क कर सकता हूं?
उत्तर: किसी भी प्रश्न या समस्याओं के लिए आप सप्ताह के कार्यकारी दिनों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बीच आयकर विभाग के “केंद्रीकृत प्रसंस्करण केंद्र” (CPC) से इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं – 18001030025, 18004190025, +91-80-46122000, +91-80-61464700.

 प्रश्न4: फॉर्म 16 क्या है?
उत्तर: यह वेतन के आय से स्रोत (Income under salary) पर कर कटौती (टीडीएस) के लिए आयकर अधिनियम की धारा 203 के तहत नियोक्ता द्वारा जारी किया गया एक फॉर्म है।

प्रश्न5: यदि मेरे पास फॉर्म 16 या टीडीएस विवरण से संबंधित कुछ प्रश्न हैं, तो मै किस हेल्पडेस्क से संपर्क करूं?
उत्तर: ऐसे मामले में टीडीएस समाधान विश्लेषण और सुधार सक्षम प्रणाली जिसे ट्रेसेस भी कहा जाता है, से 1961 या 1800 180 1961 पर संपर्क किया जा सकता है।

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