रीवा कलेक्टर: पशुओं पर अत्याचार करने वालों पर “पशु क्रूरता अधिनियम 1960” के तहत दर्ज करें प्रकरण

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रीवा: पशुपालको द्वारा गौवंस को ऐरा छोड़ने एवं गौवंस की रक्षा न बरतने के सम्बन्ध में रीवा कलेक्टर इलैया राजा टी ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिवो को दिए कड़े निर्देश । निर्देश देते समय उन्होंने कहा कि –

  • सभी सरपंच तथा ग्राम पंचायत सचिव अपने पंचायत क्षेत्र के गौवंश की सुरक्षा का उचित प्रबंध करें।
  • सभी गौवंशीय पशुओं को पशुपालन विभाग द्वारा टैग लगाया जाय एवं पशुओ के पशुपालक को पहचान कराया जाय।
  • आवारा पशुओ की पहचान कर पशुपालक अथवा मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना के तहत संचालित गौशालाओं में सुरक्षित कराएं।
  • यदि कोई पशुपालक बार-बार अपने गौवंश को ऐरा छोड़ता है तो उसके विरूद्ध थाने में एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही करें।
  • सरपंच एवं सचिवो द्वारा निराश्रित पशुओ के लिए चारागाह स्थान व् जलासय का उचित प्रबंध कराया जाय।
  • गौ हत्या व् पशुओ पर किसी भी तरह का अत्याचार करने वालों पर प्रिवेन्शन ऑफ क्रूअलिटी एक्ट के अंतर्गत करवाई की जाये

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रीवा कलेक्टर इलैया राजा टी ने निराश्रित गौउओ को गौशालाओ में भेजने एवं उनकी सुरक्षा करने हेतु दिए निर्देश

  • निराश्रित गौवंश की रक्षा करने हेतु सरपंच तथा सचिव द्वारा पशुपालन विभाग के सहयोग से उन्हें निकटतम गौशालाओं में भेजा जाय।
  • पंचायत में यदि कोई गौवंश अथवा अन्य पशु दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो उसे पशुपालन विभाग को सूचना देकर उसकी उपचार की समुचित व्यवस्था कराएं।
  • पीडि़त पशु को निकटतम गौशाला में ले जाकर उपचार की व्यवस्था कराएं।
  • ऐरा प्रथा के कारण किसानों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचता है। जिसे को रोकने के लिए पशुपालकों को समझाइस दें।
गौवंस की रक्षा
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रीवा कलेक्टर ने सरपंच एवं सचिवो को गौवंस की रक्षा को लेकर दी हिदायत

साथ ही गौवंस की रक्षा एवं ऐरा रोकने के लिए रीवा कलेक्टर इलैया राजा टी ने सरपंच और सचिवों को यह भी हिदायत दी कि खुले में घूमने वाले गौवंश से अपनी फसल को बचाने के लिये कई बार किसान अवैध बाड़े बनाकर उसमें गौवंश तथा अन्य पशुओं को रख देते हैं, जिसमें पशुओं के लिए भोजन और पानी की उचित व्यवस्था नहीं रहती है। लोगों द्वारा पशुओं को बाड़े में बंद कर उनके साथ मारपीट व् अत्याचार भी किया जाता है, यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानवरों के साथ किसी भी प्रकार के किये गए अत्याचार की जानकारी मिलती है तो उसे सम्बंधित थाने में सूचित करें।

आगे बढ़ते हुए उन्होंने कहा कि –

  • सभी सरपंच और सचिव उनकी पंचायत क्षेत्र में बनाये गए अवैध बाड़े तत्काल हटाएं।
  • बाड़ों में रखे गए गौवंश को निकटतम गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था करें।

आदेश के बाद भी यदि किसी भी पंचायत में अवैध बाड़े की सूचना मिलेगी तो संबंधित ग्राम पंचायत सचिव एवं सरपंच को निलंबित कर कार्यवाही के साथ दण्डित किया जाएगा।

गौवंस की रक्षा
गौवंस की रक्षा

कलेक्टर ने कहा है कि विभिन्न माध्यमों से यह बात संज्ञान में लाई गई है कि कई किसान अपनी फसल बचाने के लिए पशुओं से क्रूरतम व्यवहार करते हैं। पशुओं के मुंह को तार से बांधना तथा अन्य क्रूर व्यवहार करना सर्वथा अनुचित है। यदि किसी भी सरपंच सचिव को इस तरह की सूचना प्राप्त होती है तो दोषी व्यक्ति के विरूद्ध पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के तहत प्रकरण दर्ज कर थाने में एफआईआर दर्ज कराएं।

गौवंस की रक्षा
गौवंस की रक्षा

कलेक्टर ने कहा कि जिले से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राज्य मार्गों में पेट्रोलिंग वाहनों की सुविधा उपलब्ध है। इसके माध्यम से इन मार्गों में एकत्रित होने वाले निराश्रित पशुओं को हटाने की कार्यवाही करें। जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी गौवंश की सुरक्षा के संबंध में निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराएं। और सभी एसडीएम तथा तहसीलदार गौवंश की सुरक्षा के संबंध में दिए गए निर्देशों के पालन की मॉनीटरिंग करें।

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