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विल्हेम वुण्ट: आधुनिक मनोविज्ञान के जनक

विल्हेम वुण्ट: आधुनिक मनोविज्ञान के जनक

विल्हेम वुण्ट: आधुनिक मनोविज्ञान के जनक

विल्हेम वुण्ट का पूरा नाम विल्हेम मैक्सिमिलियन वुण्ट (Wilhelm Maximilian Wundt) था। उनका जन्म जर्मनी के नेकराऊ नामक कस्बे में 16 अगस्त 1932 को हुआ था।

साइकोलॉजी या मनोविज्ञान के क्षेत्र में उन्होंने कई उल्लेखनीय कार्य किए इसी कारण उन्हें आधुनिक मनोविज्ञान का जनक भी कहा जाता है।

Wilhelm Wundt का जीवन बहुत ही सामान्य था वे एक धनी परिवार के ही नहीं बल्कि धनी व्यक्तित्व के भी आदमी थे।

विल्हेम वुण्ट (Wilhelm Wundt) का व्यवसायिक जीवन

Wilhelm Wundt जर्मनी के वैज्ञानिक, दार्शनिक और प्राध्यापक थे वह दुनिया के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने दर्शनशास्त्र (Philosophy) और साइकोलॉजी (Psychology) के बीच अंतर बताया।

इसके पूर्व मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र के अधीन एक शाखा थी। Wilhelm Wundt ही थे जिन्होंने सर्वप्रथम साइकोलॉजी की एक प्रयोगशाला खोली और अपने लिए मनोवैज्ञानिक शब्द का पहली बार इस्तेमाल किया।

मनोविज्ञान के क्षेत्र में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए, उन्होंने दर्शनशास्त्र से मनोविज्ञान को अलग कर साइकोलॉजी को विज्ञान की एक अलग शाखा का दर्जा दिलाया। इसी कारण उन्हें प्रायोगिक मनोविज्ञान का जनक भी कहा जाता है।

विल्हेम वुण्ट (Wilhelm Wundt) के बारे में

पूरा नामविल्हेम मैक्समिलियन वुण्ट
जन्म 16 अगस्त 1932
मृत्यु31 अगस्त 1920
सेवाक्षेत्र विषयमनोविज्ञान
प्रसिद्धिप्रायोगिक मनोविज्ञान
मुख्य सिद्धांतस्मृति, अभिमूल्य और आलोचनात्मक यथार्थवाद
पुरष्कारहॉनरेरी डॉक्टरेट, पोर-ले-मेरिट इत्यादि
विल्हेम वुण्ट के बारे

वर्ष 1879 में Wilhelm Wundt ने लिपजिग विश्वविद्यालय (Leipzig University) में एक नई प्रयोगशाला खोली और वे यहाँ विज्ञान की नई शाखा बन चुकी “मनोविज्ञान” पर भौतिक अनुसन्धान किया करते थे। कुछ समय बाद यह प्रयोगशाला इतनी प्रसिद्ध हो गयी कि इसने ने विश्वभर के ग्रेजुएट छात्रों का ध्यान आकर्षित किया। मनोविज्ञान के क्षेत्र में कार्य करते हुए Wilhelm Wundt ने स्मृति (Memory), अभिमूल्य (Appreciation) और आलोचनात्मक यथार्थवाद (Critical realism) जैसे सिद्धांतों के बारे में बताया।

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