मनोविज्ञान - साइकोलॉजी

मनोविज्ञान (साइकोलॉजी) क्या है? इसकी उत्पत्ति कैसे हुई?

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साइकोलॉजी (Psychology) या मनोविज्ञान की उत्पत्ति अंग्रेजी के दो शब्दों – साइको + लॉजी से मिलकर हुई, जहाँ साइको का अर्थ है – आत्मा अर्थात मन और लॉजी से तात्पर्य है – अध्ययन

इस प्रकार साइकोलॉजी या मनोविज्ञान का अर्थ है – मन का विज्ञान

मनोविज्ञान (Psychology) का आशय विज्ञान की उस शाखा से है जिसमें किसी प्राणी के मन, विचार और उसके व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। विल्हेम वुण्ट को मनोविज्ञान का जनक कहा जाता है।

दूसरे शब्दों में, मनोविज्ञान एक ऐसी विद्या है जिसमें किसी प्राणी के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष व्यवहार का अध्ययन किया जाता है, उदाहरण के लिए बस स्टैंड पर खड़ी किसी औरत को देखने वाले 10 लोग उस औरत की अलग-अलग खूबियों को देखते हैं, अब ये व्यक्ति उस औरत के साथ जो भी व्यवहार करेंगे वह प्रत्यक्ष व्यवहार होगा। इसे प्रेक्षीय व्यवहार भी कहा जाता है।

अब इसी घटना में दूसरा उदाहरण लेते हैं, बस स्टैंड पर खड़ी महिला को देखकर हर व्यक्ति के मन में अलग-अलग विचार और भाव उत्पन्न होते हैं। ये विचार या भाव अप्रत्यक्ष होते हैं जिन्हें हम प्रत्यक्ष रूप से देख या छू नहीं सकते हैं।

मनोविज्ञान का अर्थ (Meaning of Psychology)

मनोविज्ञान का अर्थ है – मन का विज्ञान। उपरोक्त उदाहरण के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि मनोविज्ञान एक ऐसा विज्ञान है जो किसी प्राणी के बाह्य और आंतरिक (चिंतन), भाव इत्यादि का वातावरण की घटनाओं के साथ संबंध जोड़कर अध्ययन करता है।

साइकोलॉजी - psychology
Image under heading – Meaning of Psychology

मनोविज्ञान की परिभाषा (Definition of Psychology)

मनोविज्ञान की परिभाषा अलग-अलग वैज्ञानिकों द्वारा अलग-अलग दी गई है –

  • वाटसन के अनुसार मनोविज्ञान व्यवहार का निश्चित या शुद्ध विज्ञान है।
  • वुडवर्थ के अनुसार मनोविज्ञान वातावरण में रहने वाले मानव व्यवहारों का विज्ञान है।
  • क्रो एंड क्रो के अनुसार मनोविज्ञान मानव व्यवहार और मानव संबंधों का अध्ययन है।
  • स्टीफन के अनुसार शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षणिक विकास का क्रमिक अध्ययन है।
  • ब्राउन के अनुसार शिक्षा के द्वारा मानव व्यवहार में परिवर्तन किया जाता है तथा मानव व्यवहार का अध्ययन ही मनोविज्ञान कहलाता है।
  • स्किनर के अनुसार मानव व्यवहार एवं अनुभव से संबंधित निष्कर्षों का शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोग ही शिक्षा मनोविज्ञान कहलाता है।

मनोविज्ञान/साइकोलॉजी की उत्पत्ति (Origin of Psychology)

मनोविज्ञान शब्द की उत्पत्ति 17वीं शताब्दी में लैटिन भाषा के दो शब्दों, अंग्रेजी में PSYCHE + LOGOS से मिलकर हुई जहां साइको का अर्थ है – आत्मा अर्थात मन और लोगो का अर्थ है – अध्ययन करना।

इस प्रकार सायकोलॉजी के हिंदी रूपांतरण शब्द मनोविज्ञान का मतलब मन के विज्ञान से है। हालांकि कुछ समय बाद प्लेटो, अस्तु और और डेकॉर्ड जैसे ज्ञानविद्वों द्वारा मनोविज्ञान को आत्मा का विज्ञान कहा गया।

17 वी शताब्दी के तक मनोविज्ञान दर्शनशास्त्र (Philosophy) के अंतर्गत एक विज्ञान की शाखा हुआ करती थी।

18 वी शताब्दी के अंत में विल्हेम वुण्ट नामक जर्मन वैज्ञानिक ने दर्शनशास्त्र (Philosophy) से मनोविज्ञान को अलग कर मनोविज्ञान (सायकोलॉजी) को विज्ञान की एक अलग शाखा का दर्जा दिलाया। विल्हेम वुण्ट ने सर्वप्रथम मनोविज्ञान (साइकोलॉजी) की एक प्रयोगशाला खोली और अपने लिए मनोवैज्ञानिक शब्द का भी पहली बार इस्तेमाल किया।

विज्ञान की शाखा का नामसाइकोलॉजी (Psychology)
अर्थमन का विज्ञान
हिंदी रूपांतरण नाम मनोविज्ञान
उपत्तिवर्ष 1879 – (PSYCHE+LOGOS)
वैज्ञानिक नामविल्हेम मैक्सिमिलियन वुण्ट
वैज्ञानिक राष्ट्रीयताजर्मन
पहली प्रयोगशालालिपजिग विश्वविद्यालय, जर्मनी

मनोविज्ञान की शाखाएं (Branches of Psychology)

विल्हेम वुण्ट की प्रथम प्रयोगशाला थोड़े ही समय में विश्व प्रसिद्ध हो गई और इसने दुनिया भर के लगभग कई छात्रों और संस्थानों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया, थोड़े समय बाद ही मनोविज्ञान को कई शाखाओं में विभाजित कर दिया गया ताकि एक सुव्यवस्थित क्रम में अध्ययन किया जा सके।

इस विभाजन के आधार पर मनोविज्ञान की प्रमुख शाखाएं निम्नलिखित हैं –

1. योग मनोविज्ञान: योग मनोविज्ञान (Yoga Psychology) में योग विद्या के सिद्धांत और अष्टांग योग के स्वरूप का अध्ययन किया जाता है। इसी के साथ ही योग मनोविज्ञान में विभिन्न योग साधना और उनके प्रयोग से मानव जीवन के स्वास्थ्य और व्यवहारिक परिवर्तन का अध्ययन किया जाता है।

2. सामान्य मनोविज्ञान: सामान्य मनोविज्ञान (Normal Psychology) को प्रायोगिक मनोविज्ञान भी कहा जाता है, सामान्य मनोविज्ञान मनुष्य के मानसिक प्रक्रियाओं जैसे – विचारों, भावनाओं, कार्यों और सिद्धांतों के परीक्षण करने से संबंधित है।

3. असामान्य मनोविज्ञान: असामान्य मनोविज्ञान (Abnormal psychology) सायकोलॉजी की वह शाखा है जिसके अंतर्गत मनुष्य के असाधारण या असामान्य व्यवहारों, विचारों, भावनाओं और क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है।

4. जीव वैज्ञानिक मनोविज्ञान: जीव वैज्ञानिक (Biological psychology) मनोविज्ञान या जैविक मनोविज्ञान, सायकोलॉजी की वह शाखा है जिसके अंतर्गत किसी प्राणी के मानसिक प्रक्रियाओं और शारीरिक घटनाओं के बीच संबंध-परिवर्तन का अध्ययन किया जाता है।

5. नैदानिक मनोविज्ञान: नैदानिक मनोविज्ञान (Clinical psychology) सायकोलॉजी की वह शाखा है जिसके अंतर्गत व्यक्तियों और परिवारों के मानसिक और व्यवहारिक स्वास्थ्य का व्यापक अध्ययन किया जाता है, जिसमें स्वास्थ्य परामर्श, प्रशिक्षण, शिक्षण, पर्यवेक्षण और अनुसंधान जैसी क्रियाएं शामिल हैं।

6. संज्ञानात्मक मनोविज्ञान: संज्ञानात्मक मनोविज्ञान (Cognitive psychology) सायकोलॉजी की वह शाखा है जिसके अंतर्गत ध्यान, भाषा का प्रयोग, सोच, धारणा, स्मृति, समस्या को हल करना इत्यादि जैसी मानसिक प्रक्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है।

7. सामुदायिक मनोविज्ञान: सामुदायिक मनोविज्ञान (Community Psychology), मनोविज्ञान की वह शाखा है जो व्यक्ति के पर्यावरण की अंतः क्रियाओं से संबंधित हैं, इसमें एक समाज व्यक्तिगत और सामुदायिक कामकाज को कैसे प्रभावित करता है इसका अध्ययन भी अंतर्निहित है।

8. तुलनात्मक मनोविज्ञान: तुलनात्मक मनोविज्ञान (Comparative psychology), मनोविज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत पशुओं के व्यवहार एवं मानसिक प्रक्रियाओं का वैज्ञानिक रूप से तुलनात्मक अध्ययन किया जाता है।

9. परामर्श मनोविज्ञान: परामर्श मनोविज्ञान (Counseling psychology) को उपबोधन मनोविज्ञान भी कहा जाता है। परामर्श मनोविज्ञान के अंतर्गत मनुष्य के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य-गुणवत्ता के लिए नए आयामों पर विचार किया जाता है। परामर्श मनोविज्ञान में लोगों के विचार में सकारात्मक परिवर्तन, मनोवैज्ञानिक लक्षणों का मूल्यांकन, निदान और उपचार जैसी घटनाएं भी शामिल है।

10. आलोचनात्मक मनोविज्ञान: क्रिटिकल साइकोलॉजी (Critical psychology) – किसी व्यक्ति की कमियों पर प्रकाश डालना आलोचना कहलाता है। आलोचनात्मक मनोविज्ञान, मनोविज्ञान के महत्वपूर्ण सिद्धांत को व्यापक दृष्टिकोण देती है।

असल में आलोचनात्मक मनोविज्ञान, मनोविज्ञान के मुख्य धारा को चुनौती देती है और मनोवैज्ञानिक समझ को अधिक प्रगतिशील तरीके से लागू करने का प्रयास करती है। आलोचनात्मक मनोविज्ञान में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की भी परिकल्पना की गई है।

11. विकासात्मक मनोविज्ञान: विकासात्मक मनोविज्ञान (Developmental psychology) को पहले बाल मनोविज्ञान के नाम से जाना जाता था, इसके अंतर्गत व्यक्ति के जीवन में आयु के साथ हो रहे परिवर्तन का वैज्ञानिक अध्ययन और मूल्यांकन किया जाता है। यह विशेष रूप से शिशुओं और बच्चों के विकास जैसे किशोरावस्था, वयस्क विकास इत्यादि से संबंध रखती है।

12. शैक्षिक मनोविज्ञान: (Educational psychology) महान वैज्ञानिक स्किनर के अनुसार मानव व्यवहार एवं अनुभव से संबंधित निष्कर्षों का शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोग ही शिक्षा मनोविज्ञान कहलाता है।

13. आपराधिक मनोविज्ञान: आपराधिक मनोविज्ञान (Criminal psychology), मनोविज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत अपराधियों के विचारों, इरादों, कार्यों, प्रतिक्रियाओं और व्यवहारों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। आपराधिक मनोविज्ञान अपराधिक-निर्णय विज्ञान के क्षेत्र से संबंधित है।

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14. वैश्विक मनोविज्ञान: वैश्विक मनोविज्ञान (Global psychology) को अंतर्राष्ट्रीय मनोविज्ञान (International psychology) के नाम से भी जाना जाता है। वैश्विक मनोविज्ञान, मनोविज्ञान की वह उभरती हुई शाखा है जो संचार, नेटवर्किंग, क्रॉस-सांस्कृतिक तुलना, छात्रवृत्ति, अभ्यास और शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में मनोविज्ञान के विश्वव्यापी उद्यम पर केंद्रित है।

15. स्वास्थ्य मनोविज्ञान: स्वास्थ्य मनोविज्ञान (Health psychology), साइकोलॉजी की एक महत्वपूर्ण शाखा है जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य को बनाए रखने और इससे उन्नत करने में सहायक कारकों की खोज और उन पर वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है।

16. औद्योगिक एवं संगठनात्मक मनोविज्ञान: औद्योगिक मनोविज्ञान (Industrial and organizational psychology), मनोविज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत उद्योगों, कारखानों, फैक्ट्रियों और मशीनरी के कामकाज पर वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है।

17. विधिक मनोविज्ञान: विधिक या कानूनी मनोविज्ञान (Legal psychology) एक आधुनिक शब्द है जिसके अंतर्गत किसी कार्य की समीक्षा कर यह अध्ययन किया जाता है कि क्या किया गया कार्य कानून के नियमों के संगत है या नहीं।

18. व्यवसायिक स्वास्थ्य मनोविज्ञान: व्यावसायिक स्वास्थ्य मनोविज्ञान (Occupational health psychology), साइकोलॉजी की वह शाखा है जिसके अंतर्गत व्यवसाय के क्षेत्र में अनुशासन और नैतिकता की मदद से एक स्वस्थ्य कार्य-वातावरण बनाने पर बल दिया जाता है, जिसमें कर्मचारियों के मजबूत मानसिक स्वास्थ्य का समर्थन, व्यवसायिक तनाव को कम करना, कर्मचारियों को प्रोत्साहित कर नकारात्मक प्रभाव से बचाना और व्यवसाय की उत्पादकता को बढ़ाना इत्यादि शामिल है।

19. व्यक्तित्व मनोविज्ञान: व्यक्तित्व मनोविज्ञान (Personality psychology), मनोविज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत व्यक्ति के व्यक्तित्व और व्यक्तिगत-विविधताओं का अध्ययन किया जाता है।

20. संख्यात्मक मनोविज्ञान: संख्यात्मक या मात्रात्मक मनोविज्ञान (Quantitative psychology), साइकोलॉजी की वह शाखा है जिसके अंतर्गत मानव-व्यवहार और अन्य विशेषताओं के मापन के लिए विधियों और तकनीकों का अध्ययन किया जाता है।

21. मनोमिति मनोविज्ञान: मनोमिति मनोविज्ञान (Psychometrics), मनोवज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत मनोवैज्ञानिक राशियों के मापन के सिद्धांत और तकनीकियों का अध्ययन किया जाता है, जैसे – ज्ञान, योग्यता, किसी व्यक्ति की सोच या व्यक्तित्व के विभिन्न कारकों का मापन किया जाना इत्यादि।

22. गणितीय मनोविज्ञान: गणितीय मनोविज्ञान (Mathematical psychology), साइकोलॉजी की वह शाखा है जो अवधारणात्मक, विचारात्मक, संज्ञानात्मक और मोटर प्रक्रियाओं के गणितीय मॉडलिंग पर आधारित है। इसके अंतर्गत नियम कानून के संदर्भ में मात्रात्मक व्यवहार के साथ मात्रात्मक उत्तेजना या विशेषताओं से संबंधित अध्ययन किया जाता है।

Psychology

23. सामाजिक मनोविज्ञान: सामाजिक मनोविज्ञान (Social psychology), मनोविज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत किसी दूसरे व्यक्ति की वास्तविक, काल्पनिक या प्रछन्न उपस्थिति हमारे विचार, संवेग, मनोदशा या व्यवहार को किस प्रकार से प्रभावित करती है इस तथ्य का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है।

24. विद्यालयीन मनोविज्ञान: विद्यालयीन मनोविज्ञान (School psychology), साइकोलॉजी की वह शाखा है जिसके अंतर्गत बच्चों, युवाओं और परिवारों की शैक्षिक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं का अध्ययन किया जाता है। विद्यालयीन मनोविज्ञान अध्ययन और पेशेवर अभ्यास के क्षेत्र से ताल्लुकात रखती है।

25. पर्यावरणीय मनोविज्ञान: पर्यावरणीय मनोविज्ञान (Environmental psychology), मनोविज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत मानव अपने आसपास के वातावरण या परिवेश पर कैसे निर्भर रहता है इस तथ्य का अध्ययन किया जाता है।

मनोविज्ञान का दायरा (Scope of Psychology)

मनोविज्ञान का दायरा काफी व्यापक है क्योंकि यह व्यक्ति के मानसिक (Mental) और व्यवहारिक (Behavioral) कामकाज से संबंधित विभिन्न मुद्दों जैसे मानव व्यवहार में शामिल विभिन्न मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाएं, संवेदना, ध्यान, धारणा, सीखना, स्मृति और सोच इत्यादि का व्याख्यान और संबोधन करती है।

मनोविज्ञान के प्रमुख तीन कार्य क्षेत्र है –

  • शिक्षण
  • शोध और
  • उपयोग या अनुप्रयोग

शिक्षण (Teaching)

शैक्षिक या शैक्षणिक क्षेत्र में मनोविज्ञान का दायरा वृहद है, मनोविज्ञान में मनोविज्ञानियों के द्वारा किए गए कार्य के आधार पर इसे तीन प्रमुख भागों में बांटा जा सकता है जिसमें पहली श्रेणी शिक्षण (Teaching) है। इस श्रेणी में उन मनोवैज्ञानिक को रखा जाता है जो शिक्षण कार्य में व्यस्त हैं।

शैक्षणिक क्षेत्र में मनोविज्ञान (Scope of psychology in education): शैक्षिक व शैक्षणिक क्षेत्र में मनोविज्ञान की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है, शिक्षण तथा शोध, मनोविज्ञान का एक प्रमुख कार्य क्षेत्र है इसके अधीन निम्नलिखित शाखाओं के अंतर्गत कार्य किया जाता है –

  • जीवन-अवधि विकासात्मक मनोविज्ञान
  • मानव प्रयोगात्मक मनोविज्ञान
  • पशु मनोविज्ञान
  • दैहिक मनोविज्ञान
  • परिणात्मक मनोविज्ञान
  • व्यक्तित्व मनोविज्ञान
  • समाज मनोविज्ञान
  • शिक्षा मनोविज्ञान
  • संज्ञात्मक मनोविज्ञान
  • असामान्य मनोविज्ञान

शोध (Research)

शोध की श्रेणी में उन मनोवैज्ञानिक को रखा जाता है जो मनोवैज्ञानिक समस्याओं पर शोध (Research) करते हैं।

उपयोग/अनुप्रयोग (Application)

इस श्रेणी के अंतर्गत उन मनोविज्ञानियों को रखा जाता है जो शोध तथा मनोवैज्ञानिक अध्ययनों से प्राप्त तथ्यों के आधार पर कौशलों एवं तकनीकी का उपयोग वास्तविक परिस्थिति में करते हैं।

साइकोलॉजी / मनोविज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर

भारत में मनोविज्ञान की प्रथम प्रयोगशाला कब और कहां खोली गई?

भारत में मनोविज्ञान की प्रथम प्रयोगशाला वर्ष 1961 में डॉक्टर एस.एन गुप्ता के नेतृत्व में कोलकाता विश्वविद्यालय में खोली गई। डॉक्टर एस.एन गुप्ता ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की थी, वे भारत में बतौर मनोवैज्ञानिक, दार्शनिक और प्राध्यापक के रूप में जाने जाते थे।

भारतीय मनोविज्ञान के जनक कौन माने जाते हैं?

डॉ. एन.एन सेनगुप्ता को भारतीय मनोविज्ञान का जनक माना जाता है, उनका पूरा नाम नरेंद्र नाथ सेनगुप्ता था।

आधुनिक मनोविज्ञान के जनक कौन है?

विल्हेम मैक्सिमिलियन वुण्ट (विल्हेम वुण्ट) को आधुनिक (Modern Psychology) मनोविज्ञान का जनक माना जाता है।

Wilhelm Maximilian Wundt (Wilhelm Wundt)

प्राचीन मनोविज्ञान का जनक (Father of Modern Psychology) किसे कहा जाता है?

विल्हेम मैक्सिमिलियन वुण्ट (विल्हेम वुण्ट) को ही प्राचीन मनोविज्ञान का जनक माना जाता है, उन्होंने 1979 में सर्वप्रथम साइकोलॉजी की एक प्रयोगशाला खोली और अपने लिए मनोविज्ञान शब्द का पहली बार प्रयोग किया।

बाल मनोविज्ञान के जनक कौन हैं? बाल मनोवैज्ञानिक का आधुनिक नाम क्या है?

जीन पिगेट (Jean Piaget) को बाल मनोविज्ञान का जनक कहा जाता है। बाल मनोविज्ञान का आधुनिक नाम विकासात्मक मनोविज्ञान (Developmental Psychology) है।

अमेरिकन मनोविज्ञान के जनक कौन हैं?

विलियम जेम्स (William James) को अमेरिकन मनोविज्ञान का जनक कहा जाता है।

खेल मनोविज्ञान के जनक कौन है?

कोलिमन ग्रिफिथ (Coleman Griffith) को खेल मनोविज्ञान का जनक कहा जाता है।

शिक्षा मनोविज्ञान का जनक किसे कहा जाता है?

एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) को शिक्षा मनोविज्ञान का जनक कहा जाता है उन्होंने ही संयोजनवाद का सिद्धांत भी दिया था।

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