कमर में दर्द (Back pain in Hindi) होने के कारण, लक्षण और कमर दर्द के उपाय (kamar dard ke upay)

Back pain in Hindi: ये घरेलू उपाय करके आप भी कमर दर्द को दूर भगा सकतें हैं।

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Back pain in Hindi: कमर दर्द क्या है? क्या आप भी कमर दर्द के उपाय (kamar dard ke upay) ढूँढ रहे हैं? आज कल लोगों के जीवन शैली में बदलाव भी कमर दर्द का एक बड़ा कारण बन गया है जैसे – भोजन में फास्ट फूड का प्रचलन, पैक भोजन का प्रचलन इत्यादि। भोजन में सभी प्रकार के पोषक तत्व ना मिलने के कारण शरीर कमजोर होने लगता हैं, और हड्डियां भी कमजोर होने लगती हैं।

एक स्थान पर बैठ कर लगातार काम करने से या ज्यादा वजन उठाने से कुछ समय बाद कमर में दर्द होने लगता है। आजकल, कमर दर्द से कई लोग परेशान रहते हैं।

कमर दर्द को हल्के में लेना मतलब बड़ी बिमारियों को न्योता देने जैसा है इसलिए इससे जल्दी से जल्दी छुटकारा पाने का प्रयास करना चाहिए।

इस लेख में हम – कमर में दर्द (Back pain in Hindi) होने के कारण, लक्षण और कमर दर्द के उपाय (kamar dard ke upay) इत्यादि के बारे में चर्चा करेंगे।

कमर दर्द | Back pain in Hindi

जरूरी नही कि वृद्धावस्था के कारण ही कमर में दर्द हो, यह कई अन्य कारणों से भी हो सकता है आइये जानते हैं कि कमर में दर्द (Back pain in Hindi) किन कारणों से हो सकता है –

  • ज्यादा समय से एक जगह पर बैठकर काम करने से
  • अधिक वजन उठाने से
  • चोंट लग जाने से
  • किडनी में पथरी या संक्रमण होने से इत्यादि

कमर के निचले हिस्से में दर्द होने के कारण | Reason for Lower back pain in Hindi

सर्दी में ज्यादा समय तक पानी में भीगे रहने से भी मांसपेशियों पर असर पड़ता है और जोड़ो में दर्द शुरू हो जाता है। कभी भी एक ही अवस्था में नही बैठे रहना चाहिए। इससे रीढ़ हड्डी में दर्द होने लगता है। दर्द होने की वजह से मांसपेशियों कमजोर हो जाती है।

आज कल महिलाओं में मासिकधर्म एवं गर्भावस्था के समय कमर दर्द की शिकायत अधिक देखी जाती है। कैल्शियम, विटामिन की कमी, रूमेटायड आर्थराइटिस, कशेरूकाओं की बीमारी, मांसपेशियों एवं तन्तुओं में खिंचाव, गर्भाशय में सूजन, मासिक में गड़बड़ी, गलत आसनों के प्रयोग आदि कई कारण से कमर में दर्द हो जाता है।

तनाव

जब भी हम तनावग्रस्त होते हैं, हमारी मांसपेशियां अकड़ जाती है और आगे चलकर ये कमर में दर्द का बड़ा कारण बनती हैं।

जो लोग रात में अच्छे से सो नहीं पाते या आलस में दिन भर पड़े रहते हैं उनकी मांसपेशियों में अकड़न के कारण भी कमर में दर्द हो जाता है।

कमर दर्द के लक्षण | Symptoms of back pain in Hindi

पीठ के निचले हिस्से या कमर में किसी भी तरह की असहजता का महसूस होना ही कमर दर्द है, कमर में दर्द ज्यादा समय तक खड़े होकर काम करने से भी हो सकता है।

  • कमर दर्द के बहुत समय से इग्नोर करने से दर्द बढ़ जाता है। दर्द गर्दन तक निताब्द हो सकता है।
  • कुछ मामलों में पैर में दर्द अकड़न महसूस हो सकती है।
  • कमर दर्द में लापरवाही बिल्कुल न बरते ये नुकसान दायक हो सकता है।
  • लगातार कमर दर्द होने की वजह से मानसिक हालत गंभीर हो सकती है। जिससे चिचड़ाहट होने लगती है।
  • कमर दर्द के कारण उठने-बैठने तथा झुकने में दिक्कत हो सकती है ।

कमर दर्द का घरेलू उपचार | Kamar dard ke upay

बैक पेन यानी कमर दर्द से परेशान हर कोई है। ये परेशानी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। ऑफिस में ज्यादा समय तक काम करने से भी यह दर्द हो जाता है। कमर दर्द को दूर भागने के लिए आइए जानते हैं कुछ घरेलू उपचार –

मैथी का तेल

मेथी के उपयोग से कमर दर्द में काफी राहत मिलती है, मेथी के दानों को सरसों के तेल में भूनकर उस तेल की मसाज कमर पे दिन में दो से तीन बार करने से दर्द में आराम मिलता है।

तिल का तेल

तिल के तेल का उपयोग करने से कमर दर्द से छुटकारा मिलता है। तिल के तेल तो हल्का गर्म करके मसाज करने से मासपेशियां तथा हड्डियां मजबूत होती है। यह महिलाओं में होने वाले कमर दर्द के लिए बहुत असरदार साबित होता है।

अदरक

कमर दर्द से राहत दिलाने के लिए अदरक भी एक बेहतर उपाय है। अदरक को गर्म पानी में डालकर कम से कम 15 मिनट के लिए उबालें और फिर छान लें। इसके बाद हल्का ठंडा होने पर इसमें शहद मिलाकर पिएं। इस ड्रिंक को आप रोजाना दो बार पिएं। इससे आपको रिलैक्स महसूस होगा। इसके अलावा अदरक के तेल से मालिश करने से भी कमर दर्द से राहत मिलेगी।

तुलसी के पत्ते

तुलसी के पत्ते को पानी में उबाल कर उसका सेवन करने से भी कमर दर्द में राहत मिलती है। तुलसी के पत्तो को स्वाद के लिए उसमे शहद मिलाकर दिन में दो चार बार सेवन करने से बहुत ज्यादा आराम मिलता है।

आइस पैक

कमर के नीचे दर्द वाली जगह पर आइस पैक को 15 से 20 मिनट तक उससे मसाज करने से पहले से काफी राहत मिलती है।

अरंडी का तेल

अरंडी का तेल कमर दर्द में राहत का काम करता है। इस तेल को गुनगुना करके मसाज करने से आराम मिलेगा। जहाँ दर्द हो वहाँ अरंडी के तेल से मसाज करें। तेल को रात भर लगा रहने दे। दर्द में राहत जब तक नही मिल जाती तब तक इसका सेवन सप्ताह में दो से तीन बार तक करें।

आरंडी का तेल कमर दर्द, सूजन, जकड़न, अकड़न इत्यादि में बहुत लाभकारी साबित हुआ है। इसके उपयोग से रीढ़ की हड्डी, पीठ का दर्द आदि से राहत मिलती है। इस तेल में रिसिनोलिक एसिड मौजूद हो होने के कारण यह दर्द के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

कैमोमाइल चाय

एक कप गर्म पानी में केमोमाइल चाय का बैग डाल कर रखें जब तक चाय अपना असर पानी में न छोड़ दे। स्वाद के लिए चीनी, या शहद का उपयोग करें। रोजाना कम से कम इस केमोमाइल टी बैग की चाय का सेवन दिन में एक बार जरूर करें इससे बैक पेन में राहत मिलेगी।

गर्म पानी का सेकन (हीट पैड)

जिस हिस्से में दर्द हो वहां गरम पानी के सेंक लगाने से अकड़न दूर होती है। लगातार सिकाई करने से कमर दर्द, गर्दन में जकड़न, ऐठन, इत्यादि में आराम मिलना शुरू हो जाता है, इसका उपयोग दिन में दो बार जरूरी है इससे मासपेशियों भी मजबूत होती हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में हमने आपको कमर में दर्द (Back pain in Hindi) होने के कारण, लक्षण और कमर दर्द के उपाय (kamar dard ke upay) इत्यादि के बारे में बताया। ये उपाय कोई चिकित्सीय सलाह नहीं बल्कि सामान्य जानकारी के लिए हैं, इसलिए इन्हें उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

कमर दर्द के उपाय | Kamar dard ke upay – Learn with video

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